नई दिल्ली। एजेंसी।  दिल्ली के एक कोर्ट ने एक मामले में कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। दरअसल,मेधा और वर्तमान खादी ग्रामोद्योग निगम के चेयरमैन वीके सक्सेना ने एक दूसरे के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है।

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने मेधा पाटकर  के खिलाफ वारंट जारी किया है। इसके पहले मेधा पाटकर के लिए उपस्थित हुए वकील ने कोर्ट से कहा कि मेधा पाटकर को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर पिछले हफ्ते जेल भेज दिया है। इस आधार पर उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जाए। इसका सक्सेना के वकील ने विरोध किया और कहा कि वह हमेशा कोर्ट में अनुपस्थित रहती हैं। मामले में अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

पिछले 29 मई को कोर्ट ने पेशी पर न आने पर मेधा पाटकर  के खिलाफ वारंट जारी किया था लेकिन जब वह 3 अगस्त को भी उपस्थित नहीं हुईं तो कोर्ट ने उन पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विक्रांत वैद्य ने चेतावनी दी थी की अगर वह फिर कोर्ट में पेश नहीं हुईं तो उनका केस खारिज कर दिया जाएगा। कोर्ट मे सक्सेना के वकील ने उपस्थिति से छूट के आवेदन की कॉपी मांगी।

पहले की सुनवाई के दौरान मेधा पाटकर ने कोर्ट में पेशी से छूट के लिए एक वकील के जरिए कोर्ट में आवेदन भेजा था। वकील ने कोर्ट से कहा था कि मेधा पाटकर एक प्रदर्शन में व्यस्त हैं और उन्हें दिल्ली आने के लिए कंफर्म टिकट नहीं मिल पाया। कोर्ट ने उनकी दलील खारिज करते हुए वकील से पूछा कि क्या आपको मेधा पाटकर ने अधिकृत किया है तो वकील ने कहा कि नहीं।

इसके बाद कोर्ट ने मेधा पाटकर के खिलाफ वारंट जारी कर दिया। दरअसल मेधा पाटकर ने वर्तमान खादी ग्रामोद्योग निगम के चेयरमैन वीके सक्सेना के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है जिसमें उनसे जिरह होनी थी। वीके सक्सेना ने कहा कि वे हमेशा कोर्ट में मौजूद होते हैं लेकिन याचिकाकर्ता ही नहीं आती हैं। उस समय अभियुक्त वीके सक्सेना नेशनल काउंसिल फॉर सिविल लिबर्टीज के अध्यक्ष थे। मेधा के उपस्थित नहीं रहने पर जनवरी 2015 में भी उन पर कोर्ट ने 3000 रुपए जुर्माना किया था।

मेधा पाटकर  ने उनके और नर्मदा बचाओ आंदोलन के खिलाफ विज्ञापन प्रकाशित करने पर वीके सक्सेना  के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इसके बाद से दोनों पक्ष  2000 से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। वीके सक्सेना  ने अपमानजनक बयान देने पर मेधा के खिलाफ दो केस दायर कर रखे हैं।

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