खूबसूरत मुलायम पैरों का सौंदर्य में उतना ही महत्व है जितना कि चेहरे का। चेहरे व शरीर के अन्य अंगों की तरह पैरों की भी देखभाल की जानी चाहिए। अपने दिनभर के रूटीन से थोड़ा सा समय निकाल कर पैरों की देखभाल में लगाएं और देखें कि आपके पैर कितनी जल्दी मुलायम और सुंदर बन जाते हैं। फुरसत के समय या टीवी देखते समय अच्छी क्रीम या तेल के हल्के हाथों से गोलाई में पैरों की मालिश करें। थोड़ी देर में तेल त्वचा में रम जाएगा। इससे थके.हारे पैरों को आराम मिलेगा और रूखी त्वचा मुलायम बनी रहेगी। नहाते समय प्यूमिक स्टोन से पैरों की अच्छी तरह सफाई करें ताकि कटी.फटी त्वचा उतर जाए। नहाने के बाद कोई अच्छा बॉडी लोशन या क्रीम पैरों पर लगाएं। अगर पैरों में पसीना ज्यादा आता हो तो गुनगुने पानी में नींबू की कुछ बूंदें डालें। इसमें पैरों को डुबो कर रखें। पंद्रह मिनट के बाद पैरों को पोंछ लें। थोड़ी सी मुल्तानी मिट्टी में गुलाबजल डाल कर पेस्ट बनाकर पैरों पर पतली परत लगाएं और सूखने पर उसे धो लें। पसीने की समस्या से बचने के लिए पैरों पर अच्छी तरह पाउडर लगाकर जूते पहनें। गर्म पानी में नमक डाल कर उसमें कुछ देर के लिए पैरों को डाल कर रखें। इससे थके पैरों को आराम मिलता है। मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा सा दही डाल कर पेस्ट बना कर पैरों में लगा लें और सूखने पर धो दें। इससे पैर मुलायम हो जाएंगे। पैरों की त्वचा ज्यादा सूखी हो तो गुनगुने पानी में कुछ बूंदें जैतून के तेल की मिला लें। पंद्रह मिनट तक अपने पैरों को इसमें भिगो कर रखें फिर पोंछ कर किसी अच्छी क्रीम से मालिश करें। पैरों को मुलायम बनाने के लिए मलाई में कुछ बूंदें नींबू की मिलाएं और इससे पैरों की मालिश करें। दो चम्मच ग्लिसरीन और एक चम्मच गुलाबजल में एक चम्मच नींबू का रस अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को एक बोतल में बंद करके रोज सोने से पहले लगाएं। इससे पैरों की त्वचा मुलायम बनी रहेगी। आपके पैर ठंडे रहते हैं तो सोने से पहले जैतून के तेल से मालिश करें। पैरों के अंदर धंसे नाखूनों की समस्या उन्हें गलत ढंग से काटने से होती है। नाखूनों को सीधा और चैड़ाई में काटें। नेलपालिश लगे हुए पैर सुंदर लगते हैं पर बीच.बीच में नेलपालिश का प्रयोग बंद कर देना चाहिए ताकि नाखूनों का स्वाभाविक रंग बना रहे। लगातार कुर्सी पर बैठे रहने के कारण पैर खिंच जाते हों तो पैरों को क्लॉकवाइज और एंटी क्लॉकवाइज थोड़ी.थोड़ी देर में घुमाते रहें। जूते.चप्पल हमेशा सही माप के खरीदें जिससे आपके पैरों को उनमें पूरी जगह मिल सके। बहुत देर तक ऊंची एड़ी की सैंडलें नहीं पहनें इनसे थकान ज्यादा होती है और शरीर का संतुलन बिगड़ता है। अगर हील पहननी ही हो तो प्लेटफॉर्म हील ही खरीदें। नंगे पांव हरी घास पर टहलना भी पैरों के लिए लाभदायक होता है। (हिफी)

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