उत्तराखण्ड की राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य पहुंची परमार्थ निकेतन
 
श्रीमद्भागवत कथा में किया सहभाग और उत्तराखण्ड में प्रवाहित हो रही अविरल गंगा की तरह यमुना को अविरल और निर्मल करने का दिया संदेश
 
यमुना नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने का कराया संकल्प हर दिन, हर दिल और हरदम जीवन का अंग बने स्वच्छता-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
 
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में  उत्तराखण्ड की राज्यपाल  बेबी रानी मौर्य  ने सहभाग किया। कथा के पावन मंच से मालू परिवार के सदस्यों ने राज्यपाल, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी का भावभरा अभिनन्दन किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने माँ गंगा के पावन तट और भगवान नीलकंठ की धरती का महात्म्य बताते हुये कहा कि सागर मंथन के समय जो जहर निकला था भगवान नीलकंठ ने उसका पान कर पूरी धरा को विषमय होने से बचाया था। उन्होने भगवान शिव की धरती को प्रदूषण और प्लास्टिक से मुक्त करने का सभी से आह्वान किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने  राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य  को ’’स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा’’में पूर्व किये गये स्वच्छता सेवाओं के एक्शन प्लान की प्रति भेंट की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को चरितार्थ करने तथा हर भारतीय की भागीदारी को सुनिश्चित करने हेतु 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा घोषित किया इसी परिपेक्ष्य में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में ऋषिकेश शहर, राजाजी नेशनल पार्क, नीलकंठ मार्ग, रेलवे स्टेशन, स्कूल एवं अनेक सार्वजनिक स्थलों पर सघन स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण हैंड वाशिंग स्टेशन का उद्घाटन, ट्रेनिंग, शौचालयों का जीर्णोद्धार एवं स्वच्छता संकल्प का आयोजन किया गया ताकि स्वच्छता का संदेश हर व्यक्ति तक पहुंचे। स्वामी जी ने कहा कि स्वच्छ भारत ही समृद्ध भारत है। स्वच्छता को केवल एक पखवाड़े तक सीमित नही करना है बल्कि इसे हर दिन, हर दिल और हरदम जीवन का अंग बनाना है।
 राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने श्रद्धापूर्वक व्यासपीठ पर विराजमान पण्डित मोहनलाल व्यास को नमन करते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन में गंगा तट पर भगवान श्री कृष्ण की कथा का भव्यदृश्य देखकर मेरे पास बोलने के लिये शब्द नहीं है। उन्होने कहा कि कथाश्रवण से जो प्रेम और आशीर्वाद प्राप्त होेता है वह जीवन भर हमारे पास रहता है। महामहिम ने माँ गंगा जी की तरह यमुना जी को स्वच्छ और निर्मल बनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होने सभी से निवेदन किया कि सभी स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  के सपनों को साकर करने में अपना योगदान प्रदान करे जिससे हमारा राष्ट्र विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसरित हो सके।
कथा व्यास पण्डित  मोहनलाल  व्यास ने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से  कालिया नाग प्रसंग का उल्लेख करते हुये बताया कि कालिया नाग के विष से यमुना नदी के तट के आस-पास के वृक्ष और लतायें जलकर भस्म हो गये थे यह देखकर भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग का दमन किया। उन्होने बताया कि आज नदियों में जो प्रदूषण बढ़ रहा है वह भी कालिया नाग के विष की तरह खतरनाक है उससे भी नदियों का जल एवं जलीय जीवन प्रभावित हो रहा है अतः जिस प्रकार भगवान श्री कृष्ण ने यमुना को कालिया के विष से मुक्त कराया था आज फिर से यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने का समय आ गया है।
कथा यजमान  दामोदरलाल, पूनमचंद, पुरूषोत्तम, श्रवणकुमार मालू  ने  राज्यपाल बेबी रानी मौर्य  स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती जी का भावभर अभिनन्दन किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कथाव्यास पण्डित व्यास जी एवं कथा आयोजन मालू परिवार के सदस्यों को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया तथा सभी को यमुना जी को स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प कराया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सुशील कुमार और एस एस पी जगतराम जोशी उपस्थित थे।
इस अवसर पर यूनाईटेड नेशन की संस्था विश्व वाॅटर सप्लाई एण्ड सेनिटेशन कोलाबरेटिव कौंसिल के जिनेवा से पधारे निदेशक  रोल्फ, उपनिदेशक सुकोड्स एवं भारत स्थित कार्यालय में उच्चाधिकारी विनोद मिश्रा का अभिनन्दन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.