जयंती पर विशेष स्वप्निल संसार। सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला... Read more
पुण्य तिथि पर विशेष स्वप्निल सन्सार। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म 19 अगस्त,1907 में बलिया के ‘दुबे का छपरा’ ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम अनमोल दुबे एवं माता का नाम... Read more
रामधारी सिंह दिनकर हिन्दी के प्रमुख लेखक. कवि, निबंधकार थे, राष्ट्र कवि दिनकर आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में स्थापित हैं। बिहार प्रांत के बेगुसराय जिले का सिमरिया घाट कवि द... Read more
एजेंसी। नाज़िश प्रतापगढ़ी उर्दू के सुप्रसिद्द शायर थे। भारत भूमि से नाज़िश को विशेष लगाव था। देश के बंटवारे के बाद उनके माता-पिता, भाई-बहन आदि सभी पाकिस्तान चले गए, लेकिन नाज़िश ने भारत मे... Read more
स्वप्निल संसार। अमृतलाल नागर,हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। इन्होंने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि के क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।... Read more
स्वप्निल संसार। ‘चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी ख़ूब लड़ी मरदानी वह तो झाँसी वाली रानी थी। ..’ इन पंक्तियों का उद्घोष होते ही इनकी ले... Read more
स्वप्निल संसार। आचार्य चतुरसेन शास्त्री हिन्दी भाषा के महान उपन्यासकार थे। इनका अधिकतर लेखन ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित है। इनकी प्रमुख कृतियां गोली, सोमनाथ, वयं रक्षाम: और वैशाली की नगरवधू इत... Read more





























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