अपनी ही छवि में क़ैद रहे थे
– वीर विनोद छाबड़ा। फिल्म संसार भी अजीब जगह है. यहाँ इंसान बनने कुछ आता है, बनता कुछ और है…
भीड़ से जुदा
– वीर विनोद छाबड़ा। फिल्म संसार भी अजीब जगह है. यहाँ इंसान बनने कुछ आता है, बनता कुछ और है…
सदाशिव अमरापुरकर ने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों के दौरान अभिनय शुरू किया। पूना अब पुणे विश्वविद्यालय में अपने…
स्मृति शेष। फ़िरोज ख़ान।1980 या 81 के किसी एक रोज एक अखबार में खबर छपती है कि गल्फ देशों के…
पुण्य तिथि पर विशेष।संजोग वॉल्टर । बात है 1947 की सरहद के उस पार से बहुत से लोग एक नए…
पुण्य तिथि पर विशेष- तस्वीर बनाता हूँ मगर तस्वीर नहीं बनती… कानों में गिरती है जब रेशमी, शीतल, शहद-सी आवाज की…
पुण्य तिथि पर विशेष-1971 में राज खोसला की ‘मेरा गांव मेरा देश’ को सुपर हिट बनाने में जिन फैक्टर्स ने…
अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म के लिए धर्मेन्द्र ने कभी नहीं पूछा कि उनका रोल क्या है? कितना लंबा है? कितने…
– वीर विनोद छाबड़ा-नासिर खान की सबसे बड़ी पहचान यह थी कि वो दिलीप कुमार के छोटे भाई थे। दिलीप…
पुण्य तिथि पर विशेष नर्गिस दत्त हिन्दी सिनेमा की महान् अभिनेत्रियों में थीं । नर्गिस (फ़ातिमा रशीद) मशहूर गायिका जद्दनबाई…
— वीर विनोद छाबड़ा-पचास से लेकर सत्तर के सालों में हिंदी सिनेमा में जब भी मां की ज़रूरत पड़ी तो…