फिल्में देखने का शौक मथुरा में ही जागा था
फणीश्वरनाथ रेणु ने ‘धर्मयुग’ में ‘तीसरी कसम’ की शूटिंग रिपोर्ट लिखी थी- ‘तीसरी कसम के सेट पर तीन दिन’। इस…
भीड़ से जुदा
फणीश्वरनाथ रेणु ने ‘धर्मयुग’ में ‘तीसरी कसम’ की शूटिंग रिपोर्ट लिखी थी- ‘तीसरी कसम के सेट पर तीन दिन’। इस…
बॉलीवुड में लीड एक्टर ही फिल्मों की जान नहीं होते, बल्कि कई बार कॉमेडियन ही कहानी में दम डाल देते…
पुण्य तिथि पर विशेष- हिन्दी ही नहीं किसी भी भारतीय भाषा के सिनेमा के इतिहास में इतनी दबंग, इतनी निर्भीक,…
– वीर विनोद छाबड़ा-तीस के दशक का दकियानूस भारतीय समाज और सिनेमा। स्त्री होने का मतलब चारदीवारी के भीतर था…
सईद जाफ़री हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकर थे,जिन्होंने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी ख़ूब नाम कमाया था। वो मल्टी…
एजेंसी : निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्म ‘मेघे ढाका तारा’ में नीता का किरदार अदा करने के बाद सुप्रिया चर्चा…
जयंती पर विशेष एजेंसी । नन्दा फि़ल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने हिन्दी और मराठी फि़ल्मों में कार्य किया। अपने समय…
साहबजादे इरफ़ान अली ख़ान फिल्म व टेलीविजन के अभिनेता थे। उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग फिल्मों मे…
जयंती पर विशेष-1971 में राज खोसला की ‘मेरा गांव मेरा देश’ को सुपर हिट बनाने में जिन फैक्टर्स ने काम…
पुण्य तिथि पर विशेष। बिमल रॉय हिन्दी फि़ल्मों के महान फि़ल्म निर्देशक थे। हिंदी सिनेमा में प्रचलित यथार्थवादी और व्यावसायिक धाराओं…