निडर हंटरवाली
– वीर विनोद छाबड़ा-तीस के दशक का दकियानूस भारतीय समाज और सिनेमा। स्त्री होने का मतलब चारदीवारी के भीतर था…
भीड़ से जुदा
– वीर विनोद छाबड़ा-तीस के दशक का दकियानूस भारतीय समाज और सिनेमा। स्त्री होने का मतलब चारदीवारी के भीतर था…
सईद जाफ़री हिंदी सिनेमा के ऐसे कलाकर थे,जिन्होंने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड में भी ख़ूब नाम कमाया था। वो मल्टी…
जयंती पर विशेष एजेंसी । नन्दा फि़ल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने हिन्दी और मराठी फि़ल्मों में कार्य किया। अपने समय…
एजेंसी : निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्म ‘मेघे ढाका तारा’ में नीता का किरदार अदा करने के बाद सुप्रिया चर्चा…
साहबजादे इरफ़ान अली ख़ान फिल्म व टेलीविजन के अभिनेता थे। उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग फिल्मों मे…
पुण्य तिथि पर विशेष। बिमल रॉय हिन्दी फि़ल्मों के महान फि़ल्म निर्देशक थे। हिंदी सिनेमा में प्रचलित यथार्थवादी और व्यावसायिक धाराओं…
जयंती पर विशेष-1971 में राज खोसला की ‘मेरा गांव मेरा देश’ को सुपर हिट बनाने में जिन फैक्टर्स ने काम…
ओम राजेश पुरी हिन्दी फ़िल्मों के उन प्रसिद्ध अभिनेताओं में थे, जो अपनी अभिनय क्षमता से किसी भी किरदार को पर्दे…
कमला कुमारी, जिन्हें उनके स्टेज नाम जयंती के नाम से जाना जाता है , अभिनेत्री थीं, जो कन्नड़ सिनेमा और…
-वीर विनोद छाबड़ा- आपको प्रकाश मेहरा की ‘शराबी’ (1985) में अभिताभ बच्चन का यह डायलाग अच्छी तरह याद होगा। जन-जन…