निम्मी :दो बार “साधना” से हारी
मुबारक साल गिरह संजोग वॉल्टर। एजेंसी * निम्मी,हिन्दी फि़ल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में रही हैं। उनका असली नाम ‘नवाब बानू था। बॉलीवुड…
Remembering-Vasudev Balwant Phadke
Vasudev Balwant Phadke – was an independence activist and revolutionary who sought India’s independence from British. Phadke was moved by…
जननायक-कर्पूरी ठाकुर
पुण्य तिथि पर विशेष-कर्पूरी ठाकुर स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक, राजनीतिज्ञ तथा बिहार के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रह चुके…
जानवर कौन?
स्वपनिल संसार। लखनऊ। अदीब वॉल्टर। इस मामले में सवाल सामने आ रहे है और वह यह है – –1. वन…
अंग्रेज डरते थे रानी से
पुण्य तिथि पर विशेष स्वप्निल संसार। रानी गाइदिनल्यू ने भारत को आज़ादी दिलाने के लिए नागालैण्ड में अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों…
कैसे हुआ स्टेथस्कोप का आविष्कार
रेने थियेफल हाइसिन लाइनेक जयंती पर विशेष- मेडिकल उपकरणों में स्टेथस्कोप की अपनी खास पहचान है। इसे बच्चे तक पहचानते…
कौन बनेगा प्रधानमंत्री मोदी, राहुल या…!
-फ़िरदौस ख़ान वक़्त कैसे बीतता है, पता ही नहीं चलता। कल की ही सी बात लगती है। अब फिर से…
5-1 से जीती सीरीज़
एजेंसी .सेंचुरियन.भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए छठे वनडे मैच को भारत ने 8 विकेट से जीतकर 6 मैचों की…
महिला मानसिक स्वास्थ्य पर टॉक शो आयोजित
स्वप्निल संसार। अनुपमा फाउंडेशन एवं नीडल एन थ्रेड के संयुक्त प्रवाधान में शुक्रवार,को लखनऊ में महिला मानसिक स्वास्थ्य पर टॉक आयोजित किया गया। लगभग 12 मिलियन महिलायें हर साल अवसाद से पीड़ित हैं, महिलाओं को चिंता और दैहिक शिकायत के लिए और अवसाद, चिंता और आघात की पहचान, उपचार और रोकथाम से संबंधित विशेष विषयों पर यह टॉक शो रहा। मुख्य वक्ता मुख्य मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, बाबा भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ डॉ0 नेहा आनंद थी। वह पी एस वाइ केयर के साथ संस्थापक और निर्देशक हैं। इस टॉक शो में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई विषयों पर चर्चा हुई। ज्यादातर उपचार आम तौर पर ध्यान, बात, संज्ञानात्मक चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक चिकित्सा है। डॉ0 नेहा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य स्वास्थ्य और मानसिक बीमारी के महत्वपूर्ण निर्धारण में विकार और अक्षमता के महत्वपूर्ण बोझ से जुड़े हैं। महिलाओं को अवसाद, चिंता और दैहिक शिकायतों जैसी कुछ मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होने की स्थिति में 2020 तक वैश्विक विकलांगता का दूसरा प्रमुख कारण माना जाने वालाअवसाद महिलाओं में दोगुना है। श्रीमती अनुपमा सिंह अध्यक्षा अनुपमा फाउण्डेशन ने कहा कि कई कारकों में जैविक, सौहार्द और आनुवांशिक जैसे महिलाओं में अवसाद का योगदान है। सामाजिक कारक, कार्य,पारिवारिक जिम्मेदारियों, भूमिकाएं और महिलाओं की अपेक्षाओं, यौन शोषण और गरीबी की दर में वृद्धि के कारण से तनाव सहित नैदानिक अवसाद पैदा होती है। यह महिलाओं कीस्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है और इसे सबसे ज्यादा देखभाल और सही तरह के उपचार से निपटना होगा। श्रीमती चारु श्रीवास्तव, उपाध्यक्षा ओरोंज कैसल ने महिला मानसिक स्वास्थ्य पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं अवसाद,जैविक मस्तिष्क सिंड्रोम हैं, जिनमें से अधिकांश महिला इस से पीड़ित हैं। अंत में डॉ0 मिलन खन्ना, स्त्री रोग विशेषज्ञ और संस्थापक एवं निदेशक नीडल एन थ्रेड ने अतिथि और सहभागियों को धन्यवाद दिया और अपनी चिंता व्यक्त की कि महिलाओं कोशारीरिक और मानसिक रूप से अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिर से महिलाएं मानसिक स्वास्थ्य पर एक टॉक शो का आयोजन किया जाएगा। यह टॉक शो लगभग जीवन के अलग-अलग आयाम की 60 …
सरकार ने कहा अच्छा विपक्ष बोला निराशजनक बजट
किसानों के साथ यह धोखा, किसानों के साथ दुश्मनी जैसा बर्ताव-अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री…