छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में हैं
जयशंकर प्रसाद, कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में हैं।…
संघर्षमय बचपन था
माखनलाल चतुर्वेदी जी (4 अप्रैल 1889-30 जनवरी 1968) का बचपन संघर्षमय था। बचपन में ये काफ़ी बीमार रहा करते थे।…
विश्व कुष्ठ दिवस
विश्व कुष्ठ दिवस प्रतिवर्ष जनवरी माह के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। भारत में यह दिवस प्रत्येक वर्ष महात्मा…
वैष्णव जन तो तेने कहिए जो पीर पराई जाने रे
बापू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी। राष्ट्रपिता का संबोधन सबसे पहले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने ही दिया था। एक सप्ताह पहले…
गरीब लोग उनसे डरना बंद कर देंगे
देवरिया जनपद के पंडित के मुड़ेरवा गांव में में जन्मे गोरख पांडेय ने दिमागी बीमारी सिजोफ्रेनिया से परेशान होकर 29…
पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री थे
जोगेंद्र नाथ मंडल पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री थे। वे राष्ट्रमंडल और कश्मीर मामलों के दूसरे मंत्री भी थे। अनुसूचित…
पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग की संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष थीं
आस्मा जहाँगीर पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता, वकील और पाकिस्तानी मानवाधिकार आयोग की संस्थापक और प्रथम अध्यक्ष थीं। वे पाकिस्तान के सुप्रीम…
आधुनिक रसायनशास्त्र के प्रवर्तक
रॉबर्ट बॉयल (आधुनिक रसायनशास्त्र के प्रवर्तक) का जन्म 26 जनवरी, 1627 को आयरलैंड के मुंस्टर में धनी-मानी परिवार में हुआ…
बांग्ला सिनेमा के स्वर्ण युग के प्रमुख कलाकारों में थीं
एजेंसी : निर्देशक ऋत्विक घटक की फिल्म ‘मेघे ढाका तारा’ में नीता का किरदार अदा करने के बाद सुप्रिया चर्चा…
वे रानी से बहुत भयभीत रहते थे
जयंती पर विशेष-रानी गाइदिनल्यू ने भारत को आज़ादी दिलाने के लिए नागालैण्ड में अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों को अंजाम दिया था।…