जीवंत वक्ता थे
“लखनऊ है तो महेज़ गुंबद-ओ मीनार नहीं,सिर्फ एक शहर नहीं कूचा-ओ बाज़ार नहीं, इसके आंचल में मोहब्बत के फूल खिलते…
भीड़ से जुदा
“लखनऊ है तो महेज़ गुंबद-ओ मीनार नहीं,सिर्फ एक शहर नहीं कूचा-ओ बाज़ार नहीं, इसके आंचल में मोहब्बत के फूल खिलते…
“लखनऊ है तो महेज़ गुंबद-ओ मीनार नहीं,सिर्फ एक शहर नहीं कूचा-ओ बाज़ार नहीं, इसके आंचल में मोहब्बत के फूल खिलते…
“लखनऊ “लखनऊ है तो महेज़ गुंबद-ओ मीनार नहीं,सिर्फ एक शहर नहीं कूचा-ओ बाज़ार नहीं, इसके आंचल में मोहब्बत के फूल…
लखनऊ. जाने-माने इतिहासकार, लेखक और संगीतकार पद्मश्री डॉ योगेश प्रवीण 82 साल की उम्र में उस लखनऊ को अलविदा कह…