हिंदी कविता के एंग्री यंगमैन थे
सुदामा पांडेय धूमिल हिन्दी के समकालीन कवि थे। उनकी कविताओं में आज़ादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश…
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सुदामा पांडेय धूमिल हिन्दी के समकालीन कवि थे। उनकी कविताओं में आज़ादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश…
नागार्जुन प्रगतिवादी विचारधारा के लेखक और कवि थे। नागार्जुन ने 1945 के आसपास साहित्य सेवा के क्षेत्र में क़दम रखा।…
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ- नाटककार, आलोचक, नीतिशास्त्री और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। पश्चिमी रंगमंच, संस्कृति और राजनीति पर उनका प्रभाव 1880 के…
कोई भी रचनाकार बदलते दौर का संज्ञान लेते हुए उसके जद में ही अपनी रचना करता है पर रॉबिन शॉ…
जयंती पर विशेष – गौरा पंत ‘शिवानी’ हिन्दी की सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थीं। हिंदी साहित्य जगत में शिवानी ऐसी शख्सियत रहीं…
जंयती पर विशेष आर. के. नारायण का मूल नाम रासीपुरम कृष्णास्वामी नारायणस्वामी है। आर. के. नारायण का जन्म 10 अक्टूबर,…
प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम लेखकों में हैं। धनपत राय प्रेमचंद को नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद के नाम…
(13 नवंबर 1917 – 11 सितंबर 1964) जगदीश्वर चतुर्वेदी। नामवर सिंह निर्विवाद रूप से सबसे बड़े आलोचक हैं। लेकिन आलोचना…
सुब्रह्मण्य भारती तमिल कवि थे। उनको ‘महाकवि भारतियार’ के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कविताओं में राष्ट्रभक्ति कूट-कूट…