छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ थे
जयशंकर प्रसाद, कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में थे…
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जयशंकर प्रसाद, कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में थे…
गजानन माधव मुक्तिबोध हिन्दी साहित्य के प्रमुख कवि, आलोचक, निबंधकार, कहानीकार तथा उपन्यासकार थे। प्रगतिशील कविता और नयी कविता के बीच के सेतु…
सुदामा पांडेय धूमिल हिन्दी के समकालीन कवि थे। उनकी कविताओं में आज़ादी के सपनों के मोहभंग की पीड़ा और आक्रोश…
नागार्जुन प्रगतिवादी विचारधारा के लेखक और कवि थे। नागार्जुन ने 1945 के आसपास साहित्य सेवा के क्षेत्र में क़दम रखा।…
जॉर्ज बर्नार्ड शॉ- नाटककार, आलोचक, नीतिशास्त्री और राजनीतिक कार्यकर्ता थे। पश्चिमी रंगमंच, संस्कृति और राजनीति पर उनका प्रभाव 1880 के…
के पी सक्सेना हिन्दी व्यंग्य और फिल्म पटकथा लेखक थे। साहित्य जगत में उन्हें केपी के नाम से अधिक लोग…
अमृता प्रीतम प्रसिद्ध कवयित्री, उपन्यासकार और निबंधकार थीं जिन्हें 20वीं सदी की पंजाबी भाषा की सर्वश्रेष्ठ कवयित्री माना जाता है।…
कोई भी रचनाकार बदलते दौर का संज्ञान लेते हुए उसके जद में ही अपनी रचना करता है पर रॉबिन शॉ…
श्रीलाल शुक्ल का जन्म 31 दिसंबर, 1925 को लखनऊ के अतरौली गाँव, में हुआ था । समकालीन कथा साहित्य में…
फ्रेडरिक मैक्समूलर का जन्म 06 दिसम्बर 1823 को डेसो में हुआ। उनके पिता विलहेल्म म्यूलर पुस्तकालयाध्यक्ष थे। फ्रेडरिक मैक्समूलर ने…