मालगुड़ी रचने वाले
जंयती पर विशेष आर. के. नारायण का मूल नाम रासीपुरम कृष्णास्वामी नारायणस्वामी है। आर. के. नारायण का जन्म 10 अक्टूबर,…
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जंयती पर विशेष आर. के. नारायण का मूल नाम रासीपुरम कृष्णास्वामी नारायणस्वामी है। आर. के. नारायण का जन्म 10 अक्टूबर,…
प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम लेखकों में से एक हैं। धनपत राय प्रेमचंद को नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद…
एजेंसी। 18वीं सदी के उत्तराद्रर्ध तक तोता-मैना व शीत-बसंत जैसे कथानकों को अपदस्थ कर बाबू देवकीनंदन खत्री के हंगामी तिलस्मी…
पुण्य तिथि पर विशेष- महादेवी वर्मा हिन्दी भाषा की प्रख्यात कवयित्री हैं। महादेवी वर्मा की गिनती हिन्दी कविता के छायावादी युग…
डा. फादर कामिल बुल्के बेल्जियम से भारत आकर मृत्युपर्यंत हिंदी, तुलसी और वाल्मीकि के भक्त रहे । उन्हें साहित्य एवं शिक्षा…
अमृता प्रीतम प्रसिद्ध कवयित्री, उपन्यासकार और निबंधकार थीं जिन्हें 20वीं सदी की पंजाबी भाषा की सर्वश्रेष्ठ कवयित्री माना जाता है।…
स्मृति शेष। काका कालेलकर के नाम से विख्यात दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर भारत के प्रसिद्ध शिक्षाशास्त्री, पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी…
स्वप्निल संसार। ‘चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी ख़ूब…
स्मृति शेष स्वप्निल संसार। भीष्म साहनी प्रसिद्ध लेखक थे। उन्हें हिन्दी साहित्य में प्रेमचंद की परंपरा का अग्रणी लेखक माना…
स्मृति शेष स्वप्निल संसार। भीष्म साहनी प्रसिद्ध लेखक थे। उन्हें हिन्दी साहित्य में प्रेमचंद की परंपरा का अग्रणी लेखक माना जाता…