मैथिलीशरण गुप्त
स्वप्निल संसार। लखनऊ। प्राण न पागल हो तुम यों, पृथ्वी पर वह प्रेम कहाँ..मोहमयी छलना भर है, भटको न अहो अब…
भीड़ से जुदा
स्वप्निल संसार। लखनऊ। प्राण न पागल हो तुम यों, पृथ्वी पर वह प्रेम कहाँ..मोहमयी छलना भर है, भटको न अहो अब…
अली सरदार जाफ़री उर्दू भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। इन्हें 1997 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।उर्दू साहित्य…
जयशंकर प्रसाद, कवि, नाटककार, कहानीकार, उपन्यासकार तथा निबन्धकार थे। वे हिन्दी के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से…
जयंती पर विशेष (13 नवंबर 1917 – 11 सितंबर 1964) जगदीश्वर चतुर्वेदी। नामवर सिंह निर्विवाद रूप से सबसे बड़े आलोचक हैं।…
नागार्जुन प्रगतिवादी विचारधारा के लेखक और कवि थे। नागार्जुन ने 1945 के आसपास साहित्य सेवा के क्षेत्र में क़दम रखा।…
जयंती पर विशेष -गौरा पंत ‘शिवानी’ हिन्दी की सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थीं। हिंदी साहित्य जगत में शिवानी एक ऐसी शख्सियत रहीं…
प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम लेखकों में से एक हैं। धनपत राय प्रेमचंद को नवाब राय और मुंशी प्रेमचंद…
जयंती पर विशेष- रामधारी सिंह दिनकर हिन्दी के प्रमुख लेखक. कवि, निबंधकार थे, राष्ट्र कवि दिनकर आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर…
जयंती पर विशेष शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थे। उनका जन्म हुगली जिले के देवानंदपुर में हुआ। वे अपने…
पुण्य तिथि पर विशेष स्वप्निल संसार। संजोग वॉल्टर। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ हिन्दी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार थे। हिमाचल प्रदेश के गुलेर…