Category: क्रान्तिकारी

कितना है बदनसीब ‘ज़फर’ दफ्न के लिए, दो गज़ ज़मीन भी न मिली कू-ए-यार में

जयंती पर विशेष बहादुर शाह ज़फर  मुग़ल साम्राज्य के आखिरी शहंशाह थे और उर्दू के माने हुए शायर थे। उन्होंने 1857 का प्रथम भारतीय…

जमीं दुश्मन, जमां दुश्मन, जो अपने थे पराये हैं, सुनोगे दास्ताँ क्या तुम मेरे हाले परेशाँ की

जयंती पर विशेष देश की आजादी के लिए हंसते हंसते प्राण न्यौछावर करने वाले अशफाक उल्ला खाँ हिन्दू मुस्लिम एकता…